नाड़ी शुद्धि विधियों का विस्तृत विवरण
नाड़ी शुद्धि योग और तंत्र साधना की नींव है। शरीर में 72,000 नाड़ियाँ मानी गई हैं, जिनमें इडा, पिंगला और सुषुम्ना मुख्य ह...
Insights
Guides on kundalini, chakras, dhyan, and practical remedies
नाड़ी शुद्धि योग और तंत्र साधना की नींव है। शरीर में 72,000 नाड़ियाँ मानी गई हैं, जिनमें इडा, पिंगला और सुषुम्ना मुख्य ह...
तंत्र और सिफली इल्म दोनों को आम लोग अक्सर एक जैसा समझ लेते हैं या दोनों को “जादू-टोना” की श्रेणी में डाल देत...
तंत्र में ध्यान केवल एक अभ्यास नहीं है। यह साधना की रीढ़ है। बिना ध्यान के तंत्र अधूरा रह जाता है। चाहे कुंडलिनी जागरण ह...
तंत्र और इस्लाम दो अलग-अलग विश्वदृष्टियाँ हैं। एक भारत की प्राचीन ऊर्जा-प्रधान साधना परंपरा है, दूसरी इब्राहीमी एकेश्वरव...
तंत्र साधना में साधिका की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी गई है। कई तांत्रिक परंपराओं में कहा गया है कि साधिका को कामशास्त...
तंत्र दर्शन किसी एक व्यक्ति या एक पुस्तक से उत्पन्न नहीं हुआ। यह सदियों की साधना, अनुभव और गुरु-शिष्य परंपरा से विकसित ह...
पंचतत्व — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश — सृष्टि के मूल आधार हैं। योग और तंत्र में इन पाँच तत्वों को केवल ...
नाड़ी शुद्धि योग और तंत्र साधना की नींव है। जब नाड़ियाँ अशुद्ध और अवरुद्ध होती हैं, तो प्राण का प्रवाह सही नहीं होता...
कुंडलिनी जागरण कोई जादुई घटना नहीं है। यह एक गंभीर साधना प्रक्रिया है। इसे जबरदस्ती या जल्दबाजी में जगाने की कोशिश खतरना...
इंद्रजाल क्या है? इंद्रजाल शब्द दो शब्दों से बना है — इंद्र और जाल। इंद्र देवताओं के राजा हैं और जाल का अर्थ है...
आध्यात्मिक साधना और जादू दोनों में ही ऊर्जा, मंत्र, अनुष्ठान और सूक्ष्म शक्तियों का प्रयोग होता है। इसी वजह से आम लोग इन...
योग और तंत्र में जिस “अमृत” या “जीवन अमृत” की बात की जाती है, उसे पारंपरिक भाषा में दिव्य रस, सो...