kundalini

अनाहत में फूटा प्रेम का सोता

Shared by nandini · 26 Apr 2025 · 355 views
मेरे पिताजी का निधन हो चुका था और मैं उनके गम को बहुत दबाकर रखे हुए थी। एक दिन अनाहत चक्र पर ध्यान करते हुए अचानक सीने में बहुत तेज दर्द हुआ। दर्द के साथ आँसू का फव्वारा छूट गया। मैं लगभग एक घंटे तक फफक-फफक कर रोती रही। रोने के बाद सीना इतना हल्का हो गया जैसे सालों का बोझ उतर गया हो। उसके बाद से मुझे लोगों के प्रति एक अजीब सा कोमल प्रेम महसूस होने लगा। पहले मैं बहुत कठोर थी, अब नहीं रही।
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