dhyan
जब समय रुक गया
Shared by arjun · 03 Oct 2024 · 244 views
मैं रोज सुबह एक घंटा मौन ध्यान करता था। पाँचवें महीने में एक दिन ध्यान के दौरान शरीर का भान पूरी तरह गायब हो गया। समय की कोई गिनती नहीं रही। जब होश आया तो दो घंटे बीत चुके थे। उस अनुभव के बाद मेरे अंदर एक स्थायी शांति रह गई जो आज भी बनी हुई है।
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