तंत्र दर्शन में शिव और शक्ति का संबंध
तंत्र दर्शन का केंद्र बिंदु शिव और शक्ति का संबंध है। यह संबंध केवल पौराणिक कथा नहीं, बल्कि पूरे अस्तित्व का मूल सिद्धां...
Insights
Guides on kundalini, chakras, dhyan, and practical remedies
तंत्र दर्शन का केंद्र बिंदु शिव और शक्ति का संबंध है। यह संबंध केवल पौराणिक कथा नहीं, बल्कि पूरे अस्तित्व का मूल सिद्धां...
श्मशान साधना तंत्र की सबसे तीव्र और गहरी साधनाओं में से एक है। यह साधना श्मशान (cremation ground) में जाकर की जाती है। स...
कुंडलिनी जागरण की चर्चा जब भी होती है, तो अधिकांश लोग इसे रीढ़ की हड्डी में उठने वाली सर्प शक्ति तक सीमित रख देते हैं। ल...
योग और तंत्र में शरीर के भीतर तीन मुख्य नाड़ियाँ मानी गई हैं — इडा, पिंगला और सुषुम्ना। ये नाड़ियाँ शारीरिक नसें न...
तंत्र से जुड़ी सबसे बड़ी भ्रांति यही है कि लोग इसे या तो भोग का मार्ग समझते हैं या फिर श्मशान और मृत्यु का। कुछ इसे केवल...
तंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उसने स्त्री को केंद्र में रखा। जहाँ कई परंपराओं में स्त्री को बाधा या माया का रूप मा...
सिफली इल्म (निचली या काली विद्या) और तंत्र को अक्सर लोग एक जैसा समझ लेते हैं, लेकिन दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। तंत्र ज...
तंत्र में सम्भोग और जागरण को एक-दूसरे से अलग नहीं माना गया है। अधिकांश लोग सम्भोग को केवल शारीरिक क्रिया समझते हैं और जा...
जादू या मैजिक की चर्चा जब भी होती है, तो उसे आमतौर पर दो भागों में बाँट दिया जाता है — काला जादू और सफेद जादू। यह ...
तंत्र, मंत्र और यंत्र — ये तीनों तांत्रिक साधना के स्तंभ माने जाते हैं। लेकिन इनमें तंत्र को सबसे श्रेष्ठ और व्याप...
आजकल तंत्र साधना का नाम लेते ही एक अजीब तस्वीर सामने आती है। हर शहर, हर कस्बे और यहाँ तक कि छोटे-छोटे मोहल्लों में भी &l...
श्री यंत्र को तंत्र की सबसे पूर्ण और शक्तिशाली आकृति माना गया है। इसे यंत्रों का राजा कहा जाता है। साधारण दृष्टि से यह त...