तंत्र और योग का अंतर
तंत्र और योग दोनों भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की महत्वपूर्ण धाराएँ हैं। दोनों का लक्ष्य चेतना का विकास और मुक्ति है, लेकिन...
Insights
Guides on kundalini, chakras, dhyan, and practical remedies
तंत्र और योग दोनों भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की महत्वपूर्ण धाराएँ हैं। दोनों का लक्ष्य चेतना का विकास और मुक्ति है, लेकिन...
नूर-ए-तंत्र एक नया हम-आहंग रूहानी रास्ता है। इसमें तसव्वुफ़ और तंत्र को बराबर के तनासुब में मिलाया गया है। एक तरफ़ इश्क़...
सभी साधना मार्गों में तंत्र को अक्सर सबसे रहस्यमय, सबसे शक्तिशाली और सबसे विवादित माना जाता है। लेकिन जो लोग इसकी गहराई ...
हठयोग और तंत्र को अक्सर अलग-अलग धाराएँ मान लिया जाता है, लेकिन गहराई से देखने पर दोनों में गहरा संबंध दिखाई देता है। हठय...
अघोर पंथ भारतीय तांत्रिक और शैव परंपरा की एक उग्र तथा निर्भीक शाखा है। “अघोर” का अर्थ होता है — जो घोर...
कुंडलिनी जागरण की सैकड़ों विधियाँ हैं — प्राणायाम, बंध, मंत्र, ध्यान, तप। लेकिन उनमें से अधिकांश कठिन, लंबी और जटि...
यब-युम नूर-ए-तंत्र की सबसे अहम और गहरी अमल है। इसमें मर्द और औरत की एनर्जी होश और इश्क़ के साथ एक होती है। यह सिर्फ़ जिस...
सूफीवाद और सिफली इल्म दोनों मुस्लिम समाज में प्रचलित शब्द हैं। कई लोग इन्हें एक जैसा या संबंधित समझ लेते हैं, लेकिन वास्...
तांत्रिक समाज या तांत्रिक समुदाय पारंपरिक रूप से मुख्यधारा से अलग, अनुशासित और गोपनीय रहा है। तंत्र केवल व्यक्तिगत साधना...
वह द्वार पर खड़ी थी। लाल साड़ी का पल्लू कंधे से फिसलकर बाएँ स्तन की रेखा तक आ गया था। चोली कसकर बँधी थी, फिर भी उसके उभा...
आजकल कुछ लोग याब-युम मुद्रा को कुंडलिनी जागरण का एकमात्र और सबसे शक्तिशाली उपाय बताने लगे हैं। यह धारणा आंशिक सत्य पर आध...
“सिफली इल्म” और “इस्लामिक तंत्र” — ये दोनों शब्द अक्सर एक साथ बोले जाते हैं। लोग पूछते हैं...